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OnlineIndia   2019-06-28

आईटीआर फाइल करने के ये हैं 10 फायदे

अगर आपको भी नियोक्ता से वेतन मिलता है या कारोबार से आमदनी है तो आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है. अगर आपकी आमदनी टैक्स छूट की सीमा से अधिक है तो आपको समय पर इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भर देना चाहिए. हर साल की तरह इस बार भी आपको इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) इलेक्ट्रॉनिक रूप में फाइल करना ( ई-फाइलिंग) है.

 

इस बार के आईटीआर में आपको ध्यान रखना है कि कुछ विशेष तरह के करदाताओं को अब उस चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) फर्म का रजिस्ट्रेशन नंबर भी देना पड़ेगा, जिसने उसका ऑडिट किया है. इसके साथ ही कंपनियों को अब प्रॉपर्टी से होने वाली आमदनी के बारे में इनकम टैक्स विभाग को जानकारी देनी होगी. किसी फर्म को अब पार्टनर और सदस्यों का आधार नंबर इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म में लिखना होगा. अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाली संस्था ट्रस्ट है तो उसके पदाधिकारियों का आधार नंबर देना होगा.

 

  

अगर आपको भी इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरना है तो टालमटोल नहीं करें. अगर किसी वजह से आप तय समय-सीमा में रिटर्न भरने से चूक गए तो इस बार मोटी पैनल्टी देनी पड़ सकती है. समय पर इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरने के कई फायदे भी हैं. आज हम इस लेख में आपको ऐसे ही 10 फायदे के बारे में बता रहे हैं:

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